भोपाल ( कशिश मालवीय ) मजदूर परिवार के बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए खोले गए तीन श्रमोदय विद्दलयों में भोजन कि 5 करोड़ रुपए कि राशि का शिक्षा विभाग के अफसरों ने मिलीभगत कर फर्जी खाते में कर दिए ट्रांसफर | स्कूलों में भोजन व्यवस्था ( मेस ) की ज़िम्मेदारी निभाने वाली दो कंपनियों के नाम से मिलते – जुलते नए बैंक खाते खोले गए और जुलाई 2024 से मार्च 2025 तक के बिलों की राशि इन खातों में ट्रांसफर कर दी गई | मामले में मेस मैनेजर गौरव शर्मा , लोक शिक्षण प्राचार्यों की संदिग्ध भूमिका सामने आ रही है | श्रम विभाग ने इस मामले में आयुक्त लोक शिक्षण को जांच के लिए लिखा है , वहीं ईओडब्ल्यू ने मेस मैनेजर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है |
भोपाल , इंदौर और जबलपुर में संचालित श्रमोदय विद्दालयों के लिए वर्ष 2021 में श्रम विभाग ने मुंबई की दो कंपनियों – कंका फूड मैनेजर सर्विस प्रा. लि . और स्टार फूड एंड हॉस्पिटैलिटी सर्विस से अनुबंध किया था कनका कंपनी को इंदौर और भोपाल के लिए जबकि के स्टार को जबलपुर के लिए टेंडर दिया गया था | 2022 में इन विद्दालयों का संचालन स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपा गया | अगस्त 2022 में अनुबंध समाप्त हुआ , लेकिन बाद में इसे बार – बार बढ़ाया गया |
गौरव शर्मा ने दोनो कंपनियों के नाम से मिलते – जुलते नामों से नए खाते खुलवाए और प्राचार्य के निर्देश पर बिना कंपनियों से पुष्टि किए भुगतान किया गया | कनका कंपनी का करीब 3.25 करोड़ और के स्टार का 1.75 करोड़ बकाया है , दोनों कंपनियों ने श्रम विभाग को शिकायत की है |
श्रम विभाग उप सचिव बसंत कुर्रे ने कहा – शिकायत प्राप्त हुई है , श्रमोदय विद्दालयों का संचालन हमने स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपा हुआ है | मामले की जांच के लिए आयुक्त , लोक शिक्षण को पत्र लिखा है |
Lok Jung News Online News Portal