जबलपुर / देश का सबसे स्वच्छ इंदौर शहर के भागीरथपुरा में गंदा पानी पीने के कारण बीमार मरीजों के आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं शुक्रवार को एक और मौत का मामला सामने आया अब तक 16 लोग की मौत हो चुकी है अस्पताल में अब भी 200 से अधिक मरीज भर्ती हैं इनमें 25 आईसीयू में हैं इसके बावजूद इंदौर नगर निगम का कहना है कि सब ठीक है जबलपुर हाई कोर्ट में शुक्रवार को नगर निगम के विवादित अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव ने जो स्टेटस रिपोर्ट पेश की है उस रिपोर्ट में सिर्फ 4 ही मौत की जानकारी डायरिया से हुई दी गई है | जस्टिस डीडी बंसल और जस्टिस राजेंद्र कुमार वाणी की अवकाश कालीन डिवीजन बेंच में पेश रिपोर्ट में निगम ने दावा किया है कि भागीरथपुरा में सब अच्छा हो गया पानी भी आ रहा है पूरे मोहल्ले में कहीं भी गंदे पानी की शिकायत नहीं है इंदौर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रितेश इनानी द्वारा दायर जनहित याचिका पर अब हाई कोर्ट की नियमित खंडपीठ 6 जनवरी को सुनवाई करेगी |
5 महीने के बालक अव्यान की मृत्यु को भी नगर निगम ने गंदे पानी की वजह से नहीं माना जबकि उसके पिता को दो लाख रुपए का चेक देने के लिए जनप्रतिनिधि गए थे उसके पिता ने चेक लेने से इनकार कर दिया था अव्यान की मां दूध में पानी मिलाकर दे रही थी ताकि जल्दी पच जाए इस कारण उसे उल्टी – दस्त और तेज बुखार आया था |
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