भोपाल (सैफुद्दीन सैफी)
अब तक आपने अफसरों-नेताओं मे ही वीआईपी कल्चर देखा होगा,लेकिन भोपाल के पेड़ पौधे भी इस कल्चर से नही बच पाये है। 2024 मे शहर भर मे 12 लाख पौधे लगाए गए थे, इस आभियान के तहत जंबुरी मैदान मे भी पौधा रोपण हुआ था। इस मैदान मे दिलचस्ब नजारा देखा जा सकता है।
मुख्यमंत्री, मंत्री के हाथो से जिन पौधो को लगवाया गया था उनकी देखभाल वीआईपी तरीके से की गयी ये सारे पौधे जीवित हे और तेजी से बड़ भी रहे है। वीआईपी कल्चर का यह आलम रहा कि एक मैदान को दो हिस्सों मे बांटा और वीआईपी पौधो के लिए विशेष इंतजाम किए गए। उसके पास ही आमजन ने जो पौधे लगाए उसकी देखभाल का जिम्मा भी आम जन के भरोसे छोड़ दिया इनमे से अनेक पौधे सूख गए है तो कई में इक्का दुक्का पत्तियाँ ही बची है। बारिश तक ये पौधे बचेंगे या नही कहना मुश्किल है।जंबुरी मैदान मे इस तरह से रोपे गए 30 हज़ार पौधे सामान्य और वीआईपी में बाँट दिये गए मंत्री ने जहां खुरजी चलाई वो पेड़ बनने कि राहा पर है सिस्टम ने उन्हे विशेष क्र्पा सेबचा लिया है। इन वीआईपी पौधो के लिए खास फेंसिंग भी लगाई है और आम जन के लगाए पौधे कुपोषण के शिकार बच्चे की तरह सूखरहे है। ये हाल तब है जब पौधो की देख रेख मे हर साल करोड़ो की राशि खर्च हो रही है 2024 मे शहर में 12 लाख पौधे रोपे जाने का दावा किया गया था लेकिन जंबुरी मैदान मे रोपे गए 30,000 पौधो को देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है कि बाकी का हाल क्या होगा जबकि इस पर 1500 रूपये प्रति पौधा खर्च हुआ है। जो पहले लगाए गए है उसकी चिंता छोड़ अब इस साल फिर 4 लाख पौधे लगाने की तैयारी वन विभाग कर रहा है यानि फिर लाखो का खर्च बताकर राशि के बंदरबाँट की बिछात बिछाई जा रही है। जागो मोहन सरकार जागो……
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