देवास/इंदौर: पुलिस प्रशिक्षण महाविद्दालय मे पदस्थ प्रधान आरक्षक (ड्राइवर) फिरोज खान के खिलाफ लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की संयुक्त टीमों ने फिरोज खान के देवास मे 11 और इंदौर मे 4 (कुल15) ठिकानो पर एक साथ छापेमारी शुरू की। इस दौरान लगभग 29.73 करोड़ रुपये की अकूत संपत्ति का खुलासा हुआ है। वेतन से 568% ज्यादा संपत्ति फिरोज खान साल 2000 मे पुलिस सेवा मे भर्ती हुआ था। उसकी 24 साल की नौकरी के दौरान कुल सैलरी करीब 75 लाख रूपये बनती है। नियमानुसार उसकी वैध आय लगभग 1.93 करोड़ रूपये होनी चाहिए थी। लेकिन जांच में उसके पास आय से 568% से भी अधिक अनुपातहीन संपत्ति पाई गई है। आरोपी ने अपनी माँ वहीदा खान, पत्नी और एक अन्य महिला मित्र रोशनी वर्मा के नाम पर ‘साहिल ट्रेडिंग’ और ‘रॉयल ग्रिन रियल एस्टेट’ नाम से दो फ़र्मे भी संचालित हो रही है, जिनके बैंक खाते में करोड़ो रूपये के संदिग्ध लेनदेन मिले है।
वर्दी का रौब और विवादित ज़मीनों का कारोबार
आरोप है कि फिरोज खान वर्दी के रौब का स्टेमाल करके विवादित के सौदे क ज़मीनों रखवाता था और उन्हें दूसरों के नाम पर खरीद लेता था। उसने देवास के ग्रामीण इलाको के अलावा सांवेर के गुरान में भी 21.75 बीघा विवादित जमीन का अनुबंध(एग्रीमेंट) बेनामी रूप से करवाया था। इसके अलावा, वह लकड़ी के व्यापार से भी जुड़ा हुआ था जांच में यह बात भी सामने आई है कि जिन अफसरो के साथ उसकी डयूटी रहती थी, उनका संरक्षण भी उसे मिलता रहा है।
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