भोपाल : 21/02/25 : मनरेगा योजना के तहत भोपाल जिले में प्रशासन ने 350 तालाब बनाने का दावा किया था, लेकिन जिन जगहों पर तालाब बनाए जाने थे वहां अब तक तालाबों का निर्माण नहीं किया गया है | इस समय जनपद बैरसिया और फंदा में ही 34 तालाबों का निर्माण और इनके लिए राशि जारी करना बताया गया है | कहीं नाले के रास्ते में तालाब निर्माण बता दिया तो कहीं पथरीली जमीन पर सिर्फ बोर्ड लगा दिए | पोर्टल पर फोटो अपलोड करना जरूरी है बावजूद इसके यहाँ सिर्फ काम की प्रगति और राशि का जिक्र किया गया है | गौरतलब है कि एक तालाब पर 4 लाख से 12 लाख तक खर्च किए गए, एक तालाब की औसतन लागत 8 लाख रु. होती है | इस हिसाब से जनपद बैरसिया और फंदा में ही करीब साढ़े 24 करोड़ रु. खर्च किए जा चुके हैं | दरअसल, मनरेगा में तालाबों का निर्माण सरकारी जमीन पर ही होता है, अमृत योजना में निजी और सरकारी दोनों तरह की जमीन पर तालाब खोदे जाते हैं | बलराम योजना में किसानों को खेत में तालाब खोदने के लिए सब्सिडी दी जाती है | जिला प्रशासन का दावा है कि भोपाल जिले में अमृत सरोवर योजना के तहत पिछले पांच साल में 100 से अधिक तालाब खोदे गए हैं | अन्य योजनाओं के तहत भी तालाबों का निर्माण किया गया है | हालांकि अब ऐसे सभी निर्माण संदेह के दायरे में हैं | चूंकि कहीं पथरीले जमीन पर शिलापट लगाकर तालाब का निर्माण बता दिया गया है तो कहीं कागजों में जहां तालाब बनाना बताया है वहां बहता है नाला | गांव वालों ने कई बार इस संबंध में जिला पंचायत से लेकर जिम्मेदार अफसरों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है |
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