भोपाल ( कशिश मालवीय ) नोएडा की सड़क पर आम इंसान की तरह घूम रहा व्यक्ति कोई साधारण राहगीर नहीं था वह देशभर के हजारों लोगों के साथ करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी कर यहां ऐशों आराम से टहल रहा था | निवेश के नाम पर कई राज्यों में 3200 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी से जुड़े मामले में मप्र एसटीएफ ने 30 हजार रुपए के इनामी ऋषिकेश राय को नोएडा से गिरफ्तार किया है वह सेक्टर – 77 में टहल रहा था तभी टीम ने मौके पर पहुंच पकड़ लिया उसे पहले नोएडा अदालत में पेश किया गया फिर भोपाल लाकर गुरुवार को अदालत में पेश कर 7 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है | जांच में सामने सामने आया है कि ऋषिकेश ने रेनेट टेक्नोलॉजी प्रा.लि. के नाम से कंपनी बनाई थी वह इस कंपनी का डायरेक्टर भी था इसी कंपनी के खाते में देशभर से 2062 करोड़ रुपए ट्रांसफर हुए इनमें बड़ी रकम डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी बताई जा रही है जनवरी 2023 से अगस्त 2025 के बीच जमा 2062 करोड़ में से 2022 करोड़ रुपए निकाले जा चुके हैं |
एसटीएफ ने उसकी गिरफ्तारी के लिए दिल्ली बिहार और उप्र में 9 से ज्यादा बार दबिश दी थी तकनीकी विश्लेषण से उसके नोएडा आने की जानकारी मिली आरोपी का लुक आउट सर्कुलर जारी था पूछताछ में वह खुद को पेमेंट एग्रीगेटर बता रहा है जबकि उसके पास आरबीआई का लाइसेंस नहीं था |
734 करोड़ का दूसरा ट्रांजेक्शन किंडेंट बिजनेस सॉल्युशन प्रालि के खातों में 2023 से 25 के बीच 734 करोड़ रुपए जमा हुए जिनमें से 651 करोड़ निकाले गए दोनों कंपनियों का संचालन नोएडा के एक ही भवन से हो रहा था आरोपी मूलत: बक्सर का रहने वाला है वह 1 से 5 % तक कमीशन मिलने की बात कह रहा है हाल ही में उसने करोड़ों की संपत्ति खरीदी है जिसकी जांच जारी है |
निवेश ठगी के मामले में अब तक 16 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं यार्कर कैपिटल , बोटब्रो , बोट अल्फा , क्यूएफएक्स और वाईएफएक्स से जुड़े सरगना नवाब उर्फ लविश चौधरी को फरार घोषित किया गया है उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था वह फिलहाल दुबई में है और उसे भारत लाने के लिए प्रत्यपर्ण प्रक्रिया शुरू की जा रही है |
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