भोपाल ( कशिश मालवीय ) सरकारी फाइलों पर होने वाले हस्ताक्षरों की साख पर उस समय बड़ा सवालिया निशान लग गया जब जालसाजों ने कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे के फर्जी हस्ताक्षर के सहारे से सरकारी खजाने पर डाका डालते हुए जिला शहरी विकास अभिकरण के खाते से करोड़ों रुपए की रकम पर हाथ साफ कर लिए | जालसाजों ने इतनी सफाई से फर्जी साइन किए कि बैंक भी धोखा खा गया इस मामले ने पूरे प्रशासनिक महकमे में हलचल पैदा कर दी |
डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे ने 17 मार्च को शिकायत दर्ज कराई उनके अनुसार , बैंक ऑफ इंडिया सैफिया कॉलेज शाखा स्थित डूडा खाते से 9 मार्च 2026 को पांच चेक के जरिए 2 करोड़ 26 लाख 71 हजार रुपए निकले गए जांच में सामने आया कि चेक पर कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर के हस्ताक्षर पूरी तरह फर्जी थे आरोपियों ने 5 मार्च को कलेक्टर के लेटर हेड पर आवेदन देकर खाते से मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भी लिंक करवाई इस पर भी कूटरचित हस्ताक्षर और सील का इस्तेमाल हुआ राशि एनएस इंटरप्राइजेज , ब्लेक आई , राजकुमार इंटरप्राइजेज , दस और मनी इंटरप्राइजेज के खातों में ट्रांसफर की गई , क्राइम ब्रांच ने संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है |

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