भोपाल। (सैफ़ुद्दीन सैफ़ी) प्रदेश के सरकारी विभागों में एक-एक कर कर्मचारियों के तबादलों का सिलसिला शुरू हो गया है, लेकिन शिक्षकों को लेकर असमंजस बना हुआ है। 16 जून से सभी सरकारी स्कूल खुलने जा रहे हैं, मगर अभी तक ऑनलाइन पोर्टल प्रारंभ नहीं हुआ है। जबकि दावा किया गया था कि अप्रैल-मई में ही तबादलों की प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। हर साल शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद शिक्षकों के तबादले होते हैं, इससे शैक्षणिक कार्य प्रभावित होता है। शिक्षक पढ़ाने की बजाय तबादलों की जुगाड़ में लगे रहते हैं। यह तय किया गया था कि ग्रीष्म अवकाश के बाद स्कूल खुलते ही शिक्षकों की कमी न रहे, इसलिए पहले ही प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ही ताकि पारदर्शिता रहे, लेकिन यह बातें दावे ही रही। हालांकि अभी तक तबादलों को लेकर प्रक्रिया ही तय नहीं हो पाई है।
प्रतिबंद कब से हटाया जाएगा है, और कितने तबादले होंगे यह भी निर्धारित नहीं है, जबकि यह पहले ही तय है कि जन-गणना कार्य में लगेतक़रीबन 62 हजार शिक्षकों का तबादला नहीं होना है, उसके लिए केन्द्र सरकार का आदेश पहले से मौजूद है। गौरतलब है कि पिछले साल मई से जुलाई तक तबादला प्रक्रिया चली थी। तीन हजार शिक्षकों ने आवेदन किए थे, इनमें से साढ़े पांच हजार का तबादला हुआ था। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा पोर्टल पर रिक्त पदों को प्रदर्शित किया जाएगा, इसी के आधार पर शिक्षक अपना आवेदन करेंगे। गुण-दोष के आधार पर परीक्षण करने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
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