
भोपाल ( सैफुद्दीन सैफी)
प्रदेश मे गत 15 वर्षो से अवैध खनन की शिकायते अखवारों की सुर्खी रही है, ग्वालियर,भिंड, मुरेना, विदिशा नर्मदापुरम ऐसे जिले है जहाँ आमतौर पर सर्वाधिक अवैध खनन के मामले होते है बल्कि ये कहना गलत नही होगा की उपरोक्त जिलों में सत्ताधारी दल से जुड़े और मंत्री अफसरो के मुँह लगे छोटे बड़े नेताओ और उनके रिश्तेदार
इस अवैध खनन में या तो खुद शामिल हे या उनका खुला संरक्षण प्राप्त है।
दूर के जिलो की बात तो दूर राजधानी भोपाल के आसपास ही अब इतनी तेजी से खनन माफिया सक्रिय हें कि वो छोटे छोटे पहाड़ और पठारी स्थलो को भी खोद खोद कर जहाँ नैसर्गिक सुंदरता को तो नष्ट कर रहा है।वही अवैध खनन कि जेबी शिकायते होती हे तब जिलो मे तैनात अफसर एक ही जवाब देते है कि मामला कि जांच चल रही है दोषी बख्शे नही जाएँगे मगर सच्चाई ये ही है कि दोषी न सिर्फ बख्शे जा रहे है बल्कि तेजी से पनप रहे है।
हाल ही में राजधानी के समीप अचारपुरा में स्थित एक पहाड़ को खनन माफिया ने पूरी तरह से तबाह
कर दिया है यहाँ 2015 से लगातार अवैध खनन हो रहा है जिससे आचारपुरा,रताताल, इटखेड़ी
के रहवासी भी परेशान है जो अब तक जिला प्रशासन से कई बार शिकायत कर चुके है इस दौरान राजधानी मे तीन कलेक्टर आ कर जा चुके है मगर इन खनिज माफ़ियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की किसी कलेक्टर ने हिम्मत नही की है नतीजतन खनिज माफ़ियों के हौसले बुलंद है वही
सरकार के मुखिया चुनावी सभाओ मे बोल रहे है कि प्रदेश मे गलत काम करने वाले बख्शे नही जाएँगे
सच्चाई ये है कि न केवल बख्शे जा रहे है बल्कि तेजी से पनप भी रहे है।
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