भोपाल ( कशिश मालवीय ) मध्यप्रदेश में पिछले महीने एमपी स्टेट फार्मेसी काउंसिल और स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के सीएमएचओ को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि केवल पंजीक्रत फार्मासिस्ट ही डॉक्टर की पर्ची पर दवा दें | लेकिन भोपाल में स्वास्थ्य विभाग के नियमों और शासन के आदेशों के बावजूद शहर में कई मेडिकल स्टोर्स और अस्पतालों में बिना पंजीक्रत फार्मासिस्ट द्वारा लोगों को दवाएं बेचने की शिकायतें आईं | इस पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ( सीएमएचओ ) डॉ. मनीष शर्मा ने भोपाल जिले के सभी अस्पताल अधीक्षकों , निजी चिकित्सालयों , फार्मेसी और मेडिकल स्टोर संचालकों को सख्त पत्र जारी किया है |
पत्र में कहा गया है कि फार्मेसी अधिनियम 1948 ( धारा 42 ) के तहत डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर केवल पंजीक्रत फार्मासिस्ट को ही दवाएं देने का अधिकार है | यदि किसी भी स्थान पर बिना पंजीक्रत व्यक्ति द्वारा दवा वितरण या बिक्री करते पाया गया तो उसके खिलाफ फार्मेसी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी | गैर – पंजीक्रत फार्मासिस्ट द्वारा दवा देने पर तीन माह की जेल और 2 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है |
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