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सड़क निर्माण में विकास की कीमत हजारों हरे भरे पेड़ों को चुकानी पड़ेगी……


भोपाल ( कशिश मालवीय ) सड़क निर्माण के लिए हरे – भरे पेड़ो पर कुल्हाड़ी चलने वाली है विकास की कीमत पेड़ों को चुकानी पड़ेगी भोपाल के अयोध्या बायपास 10 लेन हाईवे होने जा रही आसपास के 16 किमी लंबे रोड प्रोजेक्ट के लिए ऐसी जल्दबाज़ी दिखाई गई कि ढाई दिन में ही 45 साल पुराने अधिक संख्या में  हरे भरे पेड़ काट डाले गए |

22 दिसंबर की सुबह से पेड़ कटाई शुरू हुई दिन में भी और रात में भी बुधवार दोपहर तक मशीनों का शोर गुंजता रहा हैरत की बात है कि 22 दिसंबर को एनजीटी ने एनएचएआई को आदेश दिया था कि काम जारी रखें लेकिन एक भी पेड़ न काटा जाए सुनवाई ओपन कोर्ट में हुई लेकिन आदेश की कॉपी अपलोड होने का बहाना कर ढाई दिन में 1500 से ज्यादा पेड़ काट दिए गए इस हाईवे के लिए जो 8 हजार प्रस्तावित पेड़ कटने थे उनमें से 25 % पेड़ काटे जा चुके हैं |

सबसे गंभीर बात यह है कि कई पेड़ ऐसे काट दिए गए जिन पर कोई मार्किंग तक नहीं थी कुछ पेड़ों पर लाल और पीले रंग से नंबर थे कुछ पर सिर्फ पीली लाइन और कई पेड़ बिना किसी निशान के ही धराशायी कर दिए गए नगर निगम यह तक स्पष्ट नहीं कर पा रहा कि अलग – अलग तरह की मार्किंग क्यों की गई और बिना चिन्ह वाले पेड़ किसके आदेश पर काटे गए ?

एनएचएआई ने पेड़ कटाई के बदले नगर निगम को 4.80 करोड़ रुपए जमा कराए हैं इतना ही नहीं नए पौधे लागने के लिए शासन से 20 करोड़ रुपए और मांगे गए हैं दावा है कि 7871 पेड़ों के बदले दस गुना यानी करीब 80 हजार पौधे झागरिया खुर्द और झिरनिया में लगाए जाएंगे इसके लिए जिला प्रशासन 85 हेक्टेयर 210 एकड़ जमीन देगा एनएचएआई यह भी कहता है वह पहले ही 10 एकड़ में 50 हजार पौधे मियावाकी तकनीकी से रोप चुका है |

 

याचिकाकर्ता नितिन सक्सेना के वकील हरप्रीत सिंह गुप्ता बोले – ओपन कोर्ट से सुनवाई चल रही थी इसके बावजूद इतने पेड़ काट दिए गए इससे साफ है कि निर्माण एजेंसियों ने कोर्ट के आदेश का इंतजार नहीं किया एनएचएआई के वकील मौजूद थे फिर भी कटाई जारी रही जबकि अंतरिम आदेश की अर्जी लंबित थी सुप्रीम कोर्ट भी पहले वैकल्पिक विकल्प तलाशने की बात कहता है लेकिन सीईसी के मिनटस में अल्टरनेरटिव का कोई ज्रिक नहीं है |

नगर निगम कमिश्नर संस्क्रति जैन ने कहा –  इंपवार कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर एनएचएआई ने नगर निगम से पेड़ काटने की अनुमति मांगी थी एनएचएआई ने जैसे ही 4.80 करोड़ रु जमा कराए 22 दिसंबर से पेड़ कटाई शुरू हुई बुधवार को एनजीटी का आदेश मिलते ही कटाई रोक दी

प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआई देवांश नुवल ने कहा – हमने मियावाकी तकनीकी से 50 हजार पौधे लगाए हैं नगर निगम के पार्कों में भी पौधरोपण हो रहा है एनजीटी के आदेश के बाद 10 हजार की जगह 8 हजार पेड़ काटने का प्लान बनाया गया है जिससे 2000 पेड़ बचाए जा रहे हैं हाईपवार कमेटी जिसकी अध्यक्षता एसीएस नगरीय प्रशासन ने की उसकी अनुमति ली जा चुकी है |

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