भोपाल: (नेहा शेख ) मध्य प्रदेश में इस कृषि सीजन खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने के बावजूद किसानों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा हैं पिछले साल के मुक़ाबले इस बार 1.80 लाख मीट्रिक तन अधिक खाद है, लेकिन डिस्ट्रीब्यूटर सेंटर्स पर सर्वर ठप रहने, इंटरनेट कनेक्टिविटी टूटने और समय पर ओटीपी न मिलने से खाद की पर्ची नहीं कट पा रही है।
भारतीय किसान संघ के मुताबिक, संकट की 99% मार छोटे, सीमांत और मध्यम वर्गीय किसानों पर पड़ रही है ई-विकास पोर्टल पर जरा सी तकनीकी खराबी से स्टॉक शून्य दिखने लगता है। 10 मिनट की वैधता वाला ओटीपी समय पर न मिलने से चुके तो 24 घंटे इंतजार करना पड़ता है, और 72 घंटे में टोकने लैप्स होने पर 50 रुपये की अतिरिक्त फीस भरनी पड़ती है।
धरातल की स्थिति
भोपाल(बेरसिया): राजू मीणा को पोर्टल पर जारी स्टॉक दिखने के कारण 60 किमी दूर सिहोर जाना पड़ा, जिससे प्रति बोरी 100 रुपये अतिरिक्त खर्च हो गए।
सीहोर व राजगढ़: ई-टोकन और ओटीपी की तकनीकी समस्याओं के चलते किसानों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है और टोकन लैप्स होने पर दोबारा फीस चुकानी पड़ रही है
सागर: सर्वर लगातार ठप रहने के कारण किसान रोज कार्यालयों के चक्कर काटने को विवश हैं।
खाद का कुल स्टॉक: यूरिया 5.50 लाख, डीएपी 1.60 लाख, एनपीके 3.60 लाख और एसएसपी 3.75 लाख मीट्रिक तन उपलब्ध है, जबकि कुल बुलाई का लक्ष्य 140.80 लाख हेक्टेयर है।
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