भोपाल ( कशिश मालवीय ) मध्यप्रदेश राजधानी का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध एम्स अस्पताल में दवाओं और मेडिकल सामान की कमी से मरीजों को इलाज में भारी दिक्कत हो रही है , यह कमी लगातार काफी समय से बनी हुई है , शनिवार दोपहर तीन साल की मासूम बच्ची को स्ट्रीट डॉग के काटने के बाद परिजन एम्स के ट्रोमा यूनिट ले गए , लेकिन यहां रेबीज इंजेक्शन और जरूरी दवाएं ही नहीं थीं | डॉक्टरों ने दवा तुरंत लगाने की सलाह दी , पर अस्पताल ने स्टॉक खत्म होने का हवाला देकर परिजनों को बाहर से दवा खरीदने के लिए भेज दिया
शनिवार दोपहर शक्ति नगर इलाके में तीन वर्षीय अनादी मिश्रा स्ट्रीट डॉग के हमले का शिकार हो गई , गंभीर घाव होने पर परिजन उसे तुरंत एम्स के ट्रोमा यूनिट लेकर पहुंचे | डॉक्टरों ने जांच के बाद घाव को श्रेणी – 3 का बताते हुए तत्काल एंटी – रेबीज इंजेक्शन लगाने की आवश्यकता बताई | लेकिन एम्स में यह जरूरी दवा उपलब्ध ही नहीं थी , डॉक्टरों ने परिजनों को बाहर से दवा खरीदने के लिए कहा , जिसके बाद शीतल शर्मा और परिवार के अन्य सदस्य तुरंत अस्पताल के बाहर दुकानों की ओर भागे | परिजनों ने बताया कि वे 10 से ज्यादा मेडिकल स्टोर्स पर गए , डेढ़ घंटे भटकने बाद उन्हें वैकल्पिक इंजेक्शन मिल पाया , जिसके बाद बच्ची का इलाज शुरू हो सका |
बच्ची के परिजन बोले एम्स जैसे प्रसिध्द अस्पताल में जीवनरक्षक दवा का न मिलना लापरवाही है और इससे मरीजों की जान को खतरा बढ़ जाता है अगर समय पर दवा नहीं मिलती , तो बच्ची की हालत गंभीर हो सकती थी |
एम्स मेडिकल सुपरीटेंडेंट विकास गुप्ता ने कहा – एम्स में डॉग बाइट के साथ सभी मामलों को तत्काल इमरजेंसी केयर दी जाती है , रेबीज सीरम और अन्य आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं | एंटी – रेबीज वैक्सीन उपलब्ध कराने की कवायद की गई है |, जल्द ही इन्हें स्टॉक में शामिल कर लिया जाएगा |
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