भोपाल ( सैफुद्दीन सैफी ) मध्यप्रदेश में एक बार फिर बिजली महंगी करने का खेल बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक और झटका आने वाले दौर में बिजली बिल महंगे हो सकते है | वितरण कंपनियां हर साल जिस घाटे का हवाला देकर बिजली महंगी करवा रहीं हैं उस घाटे को कम करने के लिए केंद्र ने 3349 करोड़ रुपए दिए थे 2014 में यह राशि एकीक्रत विद्दुत विकास योजना ( आईपीडीएस ) योजना से दी इससे खुले तारों को कवर्ड करना था ताकि चोरी रोकी जाए ट्रांसफार्मर व सब – स्टेशनों की संख्या बढ़नी थी पुराने उपकरणों को बदलकर लाइन लॉस कम करना था |
निगरानी तंत्र विकसित कर कमियों को कम समय में पकड़ने की मंशा थी शहरों में होने वाले इन कार्यों के बीच तीनों कंपनियों के अफसरों ने इसमें करोड़ों रुपए का खेल कर दिया इस खेल का खुलासा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कैग की रिपोर्ट से हुआ अफसरों और ठेकेदारों के इस खेल का खमियाजा करोड़ों उपभोक्ताओं को महंगी बिजली खरीदकर भुगतना पड़ रहा है |
इस बार भी बिजली कंपनियों ने विद्दुत नियामक आयोग को 6,044 करोड़ का नुकसान बता ट्रैफिक में 10.2% व्रद्धि की मांग की है नया ट्रैफिक एक अप्रैल 2026 से लागू होना है अपनी गलतियों की सजा एक बार फिर कंपनियां उपभोक्ताओं को देने की तैयारी में है ऐसा हुआ तो बिजली प्रति यूनिट 29 से 51 पैसे तक महंगी होगी |
Lok Jung News Online News Portal