भोपाल ( कशिश मालवीय ) मध्यप्रदेश राजधानी भोपाल में कई दावों और करोड़ों रुपए की लागत से बने स्लॉटर हाउस में गायों को काटे जाने और गोमांस की सप्लाई करने का मामला उजागर होने के बाद विवाद खड़ा हो गया इस मामले में नगर निगम प्रशासन की सीधी भूमिका सामने आई निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी की ओर से जारी पत्र मिला 17 दिसंबर 2025 को जारी इस पत्र में निगम के पशु चिकित्सक डॉ. बेनीप्रसाद गौर ने प्रमाणित किया कि स्लॉटर हाउस में बीते करीब दो सप्ताह में 15 वर्ष से अधिक उम्र की 85 भैंसों का वध किया गया इसके बाद मांस को फ्रोजन मीट के रूप में पैक कर मुंबई भेजने की अनुमति दी गई चौंकाने की बात यह है कि इसी खेप से पुलिस ने जो सैंपल लिए उनमें गोमांस की पुष्टि हुई इससे यह स्पष्ट हुआ कि स्लॉटर हाउस में या तो गायों का वध हुआ या फिर नगर निगम स्तर पर मांस के प्रकार को लेकर गलत प्रमाणन किया गया |
सूत्रों के अनुसार 15 – 16 दिसंबर की रात दो अलग – अलग वाहनों से गायों के 160 बछड़े स्लॉटर लाए गए थे ये वाहन बैतूल के रास्ते भोपाल पहुंचे थे इन्हीं का 26 टन मांस मुंबई भेजा जा रहा था 17 दिसंबर की रात हिन्दू संगठनों ने पुलिस कंट्रोल रूम के पास कंटेनर रोका गोमांस होने की आशंका होने पर हंगामा हुआ तब जहांगीराबाद थाना पुलिस ने मांस के सैंपल जांच के लिए भेजे थे पर कंटेनर जब्त नहीं किया था। यह निगम के सुपुर्द कर दिया निगम ने मांस रखने की व्यवस्था न होने का तर्क देकर कंटेनर जाने दिया , जबकि वह कूलिंग सिस्टम से लैस था यदि कंटेनर जब्त होता तो स्लॉटर हाउस में काटी गई गायों का मांस मुंबई नहीं पहुंचता | नियमानुसार स्लॉटर हाउस में किसी भी मवेशी को काटने से पहले व काटे जाने के बाद नगर निगम पशु चिकित्सक का परीक्षण अनिवार्य है ऐसे में बिना जांचे डॉक्टर ने भैंस का प्रमाणपत्र जारी कैसे किया ? अपर नगर निगम आयुक्त हर्षित तिवारी ने कहा – जांच रिपोर्ट अभी हमने नहीं देखी है पशु चिकित्सक ने भैंस लिखी है यह भी जानकारी में नहीं है डॉक्टर ने किस आधार पर पत्र जारी किया है इस पर कुछ नहीं कह सकता | शहर सरकार अपनों के ही बीच घिरने लगी है भाजपा पार्षद पप्पू विलास ने कहा शहर में गायें कटना बहुत गलत है इसके लिए जो भी जिम्मेदार हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाना चाहिए यह पूरा खेल बिना मिलीभगत के होना संभव नहीं है परिषद की बैठक में हम इस पर गंभीर चर्चा और जांच की मांग रखेंगे | देवेंद्र भार्गव ने कहा – इस पूरे मामले में कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना चाहिए हम इस मुद्दे को परिषद में उठाएंगे इसके लिए पटल पर बात अपनी बात रखते हुए दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग करेंगे भाजपा पार्षद भी हैरान हैं कि स्लॉटर हाउस को शुरू करने के लिए निगम ने इतनी गोपनीयता क्यों बरती न तो परिषद को विश्वास में लिया और न ही शहर को बताया हिन्दू संगठनों ने स्लॉटर हाउस से निकली गाड़ी पकड़ी थी उसमें 26 टन मांस मिला था यह 640 गायों के मांस के बराबर था निगम का दावा है कि उस दिन स्लॉटर हाउस में सिर्फ 85 भैंसे थी डॉक्टर ने भी इतनी ही भैंसों के काटे जाने की पुष्टि की थी यही सीसीटीवी कैमरों के फुटेज निगम ने पुलिस को सौंप दिए हैं सवाल है कि गायों का मांस ट्रक में कहा से आया | एमआईसी सदस्य , हेल्थ स्वच्छ भारत मिशन प्रभारी ने कहा – इसमें घटना के दिन 85 भैंसें दिख रहीं हैं इसके बाद भी ट्रक में इतना माल कहां से आया है इसकी जांच पुलिस कर रही है पुलिस रिपोर्ट के बाद स्लॉटर हाउस को सील कर दिया गया है पुलिस की पूरी जांच रिपोर्ट आते ही हम जिम्मेदारों और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे |
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