भोपाल ( कशिश मालवीय ) मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ हुई वीडियो कान्फ्रेंसिंग में भ्रष्टाचार और अफसरों की लापरवाही को लेकर नाराजगी जताते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर अत्यंत तीखे वाण चलाए सुशासन पर बातचीत के समय उन्होंने भ्रष्टाचार व पैसों के लेन – देन का किस्सा सुनाया और कहा – सीएम बोलते हैं कि कोई कलेक्टर बिना पैसे लिए काम ही नहीं करते मैंने उनसे कहा ऐसी बात नहीं है जो भी ऐसा भ्रष्टाचार कर रहा है उन्हें हटा दीजिए |
सीएम के यह कहते ही वर्चुअल जुड़े कलेक्टर सकते में आ गए दो बार से टल रही यह कान्फ्रेंस बुधवार को हुई सुशासन के रिव्यू में ही सामने आया कि लोगों की शिकायतों को अटेंड ही नहीं किया जा रहा शासन में अपर मुख्य सचिव , प्रमुख सचिव , सचिव और कमिश्नर के स्तर पर ही लाखों शिकायतें पेंडिंग चल रही हैं |
इसी बीच , इंदौर जिले से एक जल शिकायत सामने आई कि एफआईआर दर्ज नहीं हो रही सीएम ने इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह से कारण पूछा तो वो स्क्रीन पर नहीं दिखे उन्हें तुरंत फोन लगाया गया वो स्विच ऑफ मिला इस पर सीएम ने कहा – डीजीपी कैलाश मकवाना है मगर ऐसा लगता है कि कई जगहों के एसपी चले गए आगे से यह ध्यान रखें कि जब तक वीडियो कान्फ्रेंसिंग चलेगी , एसपी भी मौजूद रहेंगे डीजीपी न भी रहें तो भी उन्हें बैठना है सीएम ने कान्फ्रेंस मंत्रालय के एंटी चैंबर से की |
नामांतरण की एक शिकायत आई इसमें लिखा था कि काम करने के पैसे मांगे जा रहे हैं मैंने जांच के लिए उसे कलेक्टर को भेजा वहां से रिपोर्ट दी गई कि शिकायत गलत है ऐसा कुछ नहीं है कलेक्टर की रिपोर्ट वैसी की वैसी शिकायतकर्ता को भेज दी शिकायतकर्ता का पलट कर जवाब आया कि एसडीएम – पटवारी आए थे और 7.50 लाख रुपए में लेन – देन तय करके गए हैं शिकायतकर्ता व्दारा लिखी गई यह बात कलेक्टर को भेजी और जांच के लिए कहा कलेक्टर ने एडीएम को भेजा तो शिकायतकर्ता की बात को सही पाया | ये सब क्या है ?
अवैध खनिज कारोबारी सहित समाज विरोधी अन्य गतिविधियों को सख्ती से रोकें भिंड , मुरैना , शहडोल , जबलपुर और नरसिंहपुर जिलों को विशेष अभियान चलाना चाहिए |
ऐसी बस्तियां जहां संकरी सड़के हैं और मूवमेंट में समस्या आती है , ऐसे स्थानों वाले 24 जिलों में अब तक ज़ोनल प्लान तैयार किया गया है ऐसी 1343 गलियों और बस्तियों को संवेदनशील माना गया है और 23 जिलों में जीआईएस मैप पर अंकित किया है शेष जिले 3 माह में काम करें |
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