भोपाल ( कशिश मालवीय ) प्रशासनिक गलियारों में हलचल तब तेज हो गई जब गोमांस मामले में आंच स्वच्छ भारत मिशन तक पहुंच गई राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग से स्वच्छ भारत मिशन के प्रभार का जिम्मा वापस लिया है | खास तौर पर इंजीनियरों के बीच नए सिरे से काम का बंटवारा किया गया है गोमांस मिलने के मामले के बाद से पिछले दो महीने से गर्ग विवादों में थे फोन न उठाने की बीमारी से पीड़ित तथा अपने अकड़ू रवैया के लिए चर्चित गर्ग ने यह स्लॉटर हाउस स्वच्छ भारत मिशन के तहत ही बनाया था हालांकि गर्ग के पास अभी भी जलप्रदाय और सीवेज का प्रभार बना रहेगा |
गर्ग मूल रूप से पीएचई विभाग के इंजीनियर हैं निगम सूत्रों के मुताबिक उन्होंने पीएचई विभाग में वापसी के लिए आवेदन भी दिया है टीएंडसीपी से प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ ज्वाइंट डायरेक्टर नीरज आनंद लिखार को चीफ सिटी प्लानर का प्रभार सौंप दिया गया है | उनकी पदस्थापना के बाद से ही यह सवाल उठ रहा था कि ज्वाइंट डायरेक्ट होने के बावजूद उन्हें सीसीपी का क्यों नहीं बनाया गया वहीं 8 कार्यपालन यंत्रियों में से सबसे वरिष्ठ आरआर जारोलिया को अधीक्षण यंत्री का प्रभार दिया गया है 6 एक्जीक्यूटिव इंजीनियर को उनकी वरिष्ठता के अनुसार जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं 8वें ईई राजाराम अहिरवार की सेवाएं नगरीय विकास विभाग को सौंपने के लिए निगमायुक्त ने पत्र लिखा है |
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